दूसरी जघा के लोग 35 डिग्री में ही घबरा रहे हैं, और अपने कानपूर के लोग 45 डिग्री - 47 डिग्री में भी बोल रहे हैं |
साला समोसा गर्म नहीं दिस |
सुबह प्राणायाम करने वाले जितनी भी हवा खींचते हैं,....उसे चिप्स बनाने वाली कंपनियां खरीदकर चिप्स के पैकेट में बंदकर बेच देती हैं!
वो चैन से बैठे हैं मेरे दिल को मिटा कर
ये भी नहीं अहसास के क्या चीज़ मिटा दी
खतरों के खिलाड़ी तो असल में वो लौंडे है
जो घर के बाहर घने कोहरे का फायदा उठाकर
रोज़ डे पर अपने दोस्त की GF से रोज़ ले लेते है
एडमिन ने ढाबा खोला..
ग्राहक –
मेरी चाय मै मक्खी डूब कर मरी पड़ी है |
एडमिन –
तो क्या करू?
मै ढाबा चलाऊ या इन्हे तैरना सीखाऊँ |