पहले हर अच्छी बात का मज़ाक बनता है, फिर उसका विरोध होता है, और फिर उसे स्वीकार कर लिया जाता है।
“लोग क्या कहेंगे”- ये बात इंसान को आगे नहीं बढ़ने देती
आकाश से ऊँचा कौन – पिता
धरती से बड़ा कौन – माता
छोटी-छोटी बातें दिल में रखने से,
बड़े-बड़े रिश्ते कमज़ोर हो जाते हैं,
बड़ी सोच बड़ा दिल, ज़िन्दगी की हर सुबह खुशहाल बनाते हैं।
बलबुध्धि विद्या देहू मोहि
सुनहु सरस्वती मातु
राम सागर अधम को
आश्रय तूही देदातु!!