मंदिर की घंटी, आरती की थाली
नदी के किनारे सूरज की लाली
ज़िन्दगी में आये खुशियों की बहार
आपको मुबारक हो छठ का त्यौहार
दो मुलाकात क्या हुई हमारी तुम्हारी,निगरानी में सारा शहर लग गया।
विश्वास रखो उस भगवान् पे
कभी ज्यादा मांगो नहीं
कम वो कभी देगा नहीं
मन छोड़ व्यर्थ की चिंता तू शिवका नाम लिये जाशिव अपना काम करेंगे तू अपना काम किये जाशिव शिव शिव ऊँ: नम: शिवाय
“उनसे कहना की क़िस्मत पे ईतना नाज ना करे ,
हमने बारिश मैं भी जलते हुए मकान देखें हैं…… !!