लो बसंत फिर आई, फूलों पर रंग लायी,
बजे जल तरंग मन पर उमंग छायी लो वसंत फिर आई।
बलबुध्धि विद्या देहू मोहि
सुनहु सरस्वती मातु
राम सागर अधम को
आश्रय तूही देदातु!!
बलबुद्धि विद्या देहु मोहि,
सुनहु सरस्वती मातु।
राम सागर अधम को,
आश्रय तू ही देदातु।
आप सब को वसंत पंचमी की बधाई!
सहस शील हृदय में भर दे
जीवन त्याग से भर दे,
संयम सत्य स्नेह का वर दे
माँ सरस्वती आपके जीवन में उल्लास भर दे!