"कैसे कह दूँ कि
थक गया हूँ मै
ना जाने किस किस का
हौसला हूँ मै"
ये सिलसिला क्या यूँ ही चलता रहेगा,
सियासत अपनी चालों से कब तक किसान को छलता रहेगा.
ज़िन्दगी जब भी मुझे लगा मैंने तुझे पढ़ लिया,लेकिन न जाने क्यों कम्बख़्त तूने एक और पन्ना खोल दिया
ज़िन्दगी जब भी मुझे लगा मैंने तुझे पढ़ लिया,
लेकिन न जाने क्यों कम्बख़्त तूने एक और पन्ना खोल दिया
हाथ में घडी कोई भी हो, लेकिन वक़्त अपना होना चाहिए
"भाग्य" के दरवाजे पर
सर पीटने से बेहतर है,
"कर्मो" का तूफ़ान पैदा करे
सारे दरवाजे खुल जायेंगे.!
परिस्थितिया जब विपरीत होती है,
तब "प्रभाव और पैसा" नहीं
"स्वभाव और सम्बंध" काम आते है ॥
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G⭕⭕D 〽⭕➰N❗NG
प्यारी सी सुबह का प्यार भरा नमस्कार