बिन बात के ही रूठने की आदत है,
किसी अपने का साथ पाने की चाहत है,आप खुश रहें, मेरा क्या है..मैं तो आइना हूँ, मुझे तो टूटने की आदत है।
मेरी ज़िन्दगी की ये सबसे बड़ी तमन्ना हैं, मेरे पास रहो तुम हमेशा मेरी साँस बनके।
जिस प्रभात से, परमात्मा का स्मरण हो जाये,
वह प्रभात, सुप्रभात हो जाता है।
फूलों सी प्यारी,हो हर सुबह तुम्हारी,बस यही है गुज़ारिश,हो हर ख़्वाहिश पूरी तुम्हारी।
फूलों सी प्यारी,
हो हर सुबह तुम्हारी,
बस यही है गुज़ारिश,
हो हर ख़्वाहिश पूरी तुम्हारी।