मक्के की रोटी नींबू का अचार
सूरज की किरणें खुशियों की बहार
चांद की चांदनी अपनों का प्यार
मुबारक हो आपको होली का त्यौहार
हैप्पी होली
हफ़्तों तक खाते रहो,
गुझिया ले ले स्वाद.
मगर कभी मत भूलना
नाम भक्त प्रहलाद.
इस से पहले होली की शाम हो जाए,
बधाइयों का सिलसिला आम हो जाए,
भीड़ मे शामिल हमारा नाम हो जाए
क्यू ना होली की अभी से राम राम हो जाए
नेचर का हर रंग आप पे बरसे
हर कोई आपसे होली खेलने को तरसे
रंग दे आपको मिल के सारे इतना
की आप वो रंग उतारने को तरसे