मक्के की रोटी नींबू का अचार
सूरज की किरणें खुशियों की बहार
चांद की चांदनी अपनों का प्यार
मुबारक हो आपको होली का त्यौहार
हैप्पी होली
रंगों के होते कई नाम
कोई कहे पीला कोई कहे लाल
हम तो जाने बस खुशियों की होली
राग द्वेष मिटाओ और मनाओ होली
हर मुलाक़ात पर वक़्त का तकाज़ा हुआ ;
हर याद पे दिल का दर्द ताज़ा हुआ .!
तेरे बाद हमने इस
दिल का दरवाजा खोला ही नहीं
वरना बहुत से चाँद आये
इस घर को सजाने के लिए
बेबस निगाहों में है तबाही का मंज़र,और टपकते अश्क की हर बूंदवफ़ा का इज़हार करती है........डूबा है दिल में बेवफाई का खंजर,लम्हा-ए-बेकसी में तसावुर की दुनियामौत का दीदार करती है..........ऐ हवा उनको कर दे खबर मेरी मौत की... और कहेना,के कफ़न की ख्वाहिश में मेरी लाशउनके आँचल का इंतज़ार करती है..........