Diye Hain Zindagi Ne Zaḳhm Aise;Ki Jin Ka Waqt Bhi Marham Nahin Hai!
सिसक कर पूछती हैमुझसे ये तनहाईय़ाजो बड़े हमदर्द थे तेरेआखिर वो बेबफाई कैसे कर गये.
सिसक कर पूछती है
मुझसे ये तनहाईय़ा
जो बड़े हमदर्द थे तेरे
आखिर वो बेबफाई कैसे कर गये.
कुछ रिश्तो में इन्सान अच्छा लगता है.और कुछ इन्सानों से रिश्ता अच्छा लगता है..!!
संता- यार शादी के जोड़े कौन बनाता है????
,
बंता - भगवान बनाता है????
संता - ओ तेरी की ,,,,,
मै तो दर्जी को दे आया।
.." 😜😜😜😜 😝😝😝