मैं तमाम दिन का थका हुआ,
तू तमाम शब का जगा हुआ,
ज़रा ठहर जा इसी मोड़ पर,
तेरे साथ शाम गुज़ार लूँ।
उम्र ने तलाशी ली, तो जेबों से लम्हे बरामद हुए..कुछ ग़म के, कुछ नम थे, कुछ टूटे, कुछ सही सलामत थे..
सुनहरे सपनों की झंकार लाया है नववर्ष,
खुशियों के अनमोल उपहार लाया है नववर्ष,
आपकी राहों में फूलों को बिखराकर लाया है नववर्ष,
महकी हुई बहारों की खुशबू लाया है नववर्ष!
Happy New Year 2021
आपकी पलकों पर रह जाये कोई!
आपकी सांसो पर नाम लिख जाये कोई!
चलो वादा रहा भूल जाना हमें!
अगर हमसे अच्छा दोस्त मिल जाये कोई