लोग पूछते हैं की तुम क्यूँ अपनी मोहब्बत का इज़हार नहीं करते,
हमने कहा जो लब्जों में बयां हो जाये
सिर्फ उतना हम किसी से प्यार नहीं करते…!!!
कुछ लम्हे और उसका साथ चाहता था,
आँखों में थमी वो बरसात चाहता था !!
जानता हु बहुत चाहती थी वो,
मगर उसकी जुबान से 1 बार इज़हार चाहता था...!!
हसरत ए दीदार के लिये
उसकी गली मे मोबाईल की दुकान खोली ……
मत पूछो अब हालात ए बेबसी ऐ गालिब,
रोज़ एक नया शख्स उनके नम्बर पे रीचार्ज़ करवानें आता है …..
Meri Dehleez Par Aa Ruki Hai MOHABBAT Ab Kya Karoon Tu Hi Bata Aye Mere Khuda…
Mehmaan Nawazi Ka Shoq Bhi Hai Aur Ujad Jane ka Khauf Bhi…..
हर बात में आंसू बहाया नहीं करते,दिल की बात हर किसी को बताया नहीं करते,लोग मुट्ठी में नमक लेके घूमते है..दिल के जख्म हर किसी को दिखाया नहीं करते।