Yeh Mat Samajh Tere Kabil Nahi Hain Hum,Tadap Rahe Hain Woh Jinhein Haasil Nahi Hain Hum.
हो चुकी रात अब सो भी जाइएजो हैं दिल के करीब उनके ख्यालों में खो जाइएकर रहा होगा कोई इंतज़ार आपकाख़्वाबों में ही सही उनसे मिल तो आइये.
कोई मिला नहीं तुम जैसा आज तक,पर ये सितम अलग है की मिले तुम भी नही
रात है काफ़ी, ठंडी हवा चल रही है,
याद में आपकी किसी की मुस्कान खिल रही है,
उनके सपनो की दुनिया में आप खो जाओ,
आँख करो बंद ओर आराम से सो जाओ