एक शादीशुदा आदमी मंदिर गया और भगवान से बहुत दुखी होकर पूछता है-
हे प्रभु! तुमने बचपन दिया और उसे छीन लिया।
ऐश और आराम दिया, फिर उसे भी छीन लिया।
पैसा दिया और फिर उसे भी छीन लिया।
और अब बीवी दी है और उसे देकर भूल गए।
टी टी: - ये विकलांग लोगों का डिब्बा है इसमें क्यों सफर कर रहे हो...???पप्पू: जी सर मेरे साथ ये है...!!टी टी: - ये तो आम है।पप्पू: - हाँ लेकिन ये लँगड़ा आम है...
साला क्या समय चल रहा है
खाते हैं तो पचता नहीं
कमाते हैं तो बचता नहीं
ऐसा लगता है कि बटुए में नाथूराम गोडसे बैठा हैं
जो गांधी जी को रहने ही नहीं देता है
😜😜😜😝😝
सारे दिन आदमी को घर में
बनियान में देख के पत्नियों ये
समझने लगती है कि
उनकी शादी किसी दिहाड़ी मजदूर से हुई है
और उसी हिसाब से काम बताती है