जीवन की वास्तविकता बस इतनी सी है
बचपन मे होम वर्क जवानी मे होम लोन और बुढापे में होम अलोन
ही रह जाता है...
सुप्रभात!
जिस प्रभात से, परमात्मा का स्मरण हो जाये,
वह प्रभात, सुप्रभात हो जाता है।
खुशबू बन कर मेरी सांसो में रहना,
लहू बन कर मेरी रग रग में बहना,
दोस्त होते हैं रिश्तों का अनमोल गहना,
इसलिये हर रोज़ सुबह हम से Good Morning कहना।
सुबह-सुबह उन्हें सताना अच्छा लगता है,
सुबह-सुबह उन्हें नींद से उठाना अच्छा लगता है,
मोबाइल उठाकर हमारे मैसिज पड़ लेना,
सुबह-सुबह गुड मॉर्निंग भेजना हमे अच्छा लगता है।