Mausam is kadar khumari mein hai..
Mera ‘Delhi’ bhi..
‘Kashmir’ hone ki tayaari me hain..!!
भरोसा क्या करना गैरों पर,जब गिरना और चलना है अपने ही पैरों पर।
ऐ सूरज, मेरे अपनों को पैगाम देना
खुशियों का दिन, हंसी की शाम देना
जब देखें प्यार से मेरे sms को तो
उनके चेहरे पे प्यारी सी मुस्कान देना
वफ़ा की ज़ंज़ीर से डर लगता है,कुछ अपनी तक़दीर से डर लगता है.जो मुझे तुझसे जुदा करती है,हाथ की उस लकीर से डर लगता है!
Teri Kami Khalti Rahti Hai Sada,
Ek Be Naam Tasweer Ki Tarah.