Nice shayari
नहीं ‘मालूम ‘हसरत है या तू मेरी मोहब्बत है,बस इतना जानता हूं कि मुझको तेरी जरूरत है।
निकलो गलियों में बना कर टोली
भिगा दो आज हर एक की झोली
कोई मुस्कुरा दे तो उसे गले लगा लो
वरना निकल लो, लगा के रंग कह के हैप्पी होली
अपनी छवि का ध्यान रखें
क्यूंकि इसकी आयु आपकी आयु से कहीं ज्यादा होती है
Palko mein kaid kuch sapne hai,
kuch begane aur kuch apne hai,
na jaane kya kasish hai in khyalo mein,
kuch log humse dur hoke bhi kitne apne hai.