पल्स पोलिओ टीम घर आयी…
संता (बीबी से): बंदूक और कारतुस कहाँ हैं…??
टीम भागी,
पीछे से संता ने आवाज दी,
रुको
ओये रुको
ये हमारे बच्चो के नाम हैं.!!
आँधियो से कह दो की "औकात" में रहे,इस हफ्ते में तीसरा "कच्छा" गायब हुआ है...!!!
एक दिन सागर ने नदी से पुछा- कब तक मिलती रहोगी मुझ खारे पानी से।
नदी ने हस कर कहा – जब तक तुझमे मिठास न आ जाये।
तूने रुख से नक़ाब क्या उठाया,
कम्बखत दिल मुँह को होने लगा,
शर्मा कर , सितारे हैं छुपने लगे,
महताब बादलों से जो निकलने लगा
हम हवा नहीं जो खो कही जायेंगे,
वक़्त नहीं जो गुज़र जायेंगे,
हम मौसम नहीं जो बदल जायेंगे,
हम तो आंसू है जो ख़ुशी और
गम दोनों में साथ निभाएंगे.