सब कुछ मिला है हमको,
फिर भी सबर नहीं है...
बरसों की सोचते है,
पल की खबर नहीं है...!!
बैंक मैनेजर:
कैश खत्म हो गया है कल आना
संता:
लेकिन मुझे मेरे पैसे अभी चाहिये
मैनेजर:
देखिये आप गुस्सा मत करिये,
शांति से बात कीजिये..
ठीक है बुलाओ शांति को,
आज उसी से बात करूँगा !
अच्छाई और बुराई दोनों हमारे अंदर हैं
जिसका अधिक प्रयोग करोगे वो उभरती व निखरती जायगी
बलबुध्धि विद्या देहू मोहि
सुनहु सरस्वती मातु
राम सागर अधम को
आश्रय तूही देदातु!!
“लोग क्या कहेंगे”- ये बात इंसान को आगे नहीं बढ़ने देती