शायद लोगों की नजरो में हमारी कोई कीमत ना हो
लेकिन कोई तो होगा जो
हमारा हाथ पकड़ कर खुद पर नाज़ करेगा
जो सिरफिरे होते हैं वही इतिहास लिखते हैं
समझदार लोग तो सिर्फ उनके बारे में पढ़ते हैं
इंसान हर घर में जन्म लेता है
लेकिन इंसानियत कहीं कहीं ही जन्म लेती है
इतना गुस्सा तो गर्लफ्रेंड के धोखा देने के बाद नहीं आता, जितना गुस्सा...40 रुपये का तरबूज अंदर से सफेद निकलने के बाद आता है..
उनके लिए जब हमने भटकना छोड़ दिया,
याद में उनकी जब तड़पना छोड़ दिया,
वो रोये बहुत आकर तब हमारे पास,
जब हमारे दिल ने धडकना छोड़ दिया