शायद लोगों की नजरो में हमारी कोई कीमत ना हो
लेकिन कोई तो होगा जो
हमारा हाथ पकड़ कर खुद पर नाज़ करेगा
पहली : मैंने फैसला कर लिया है कि
जब तक मैं 25 साल की नहीं हो जाऊँगी
तब तक मैं शादी नहीं करुँगी
दूसरी : और मैंने भी फैसला कर लिया है कि
जब तक मैं शादी नहीं कर लूँगी
तब तक मैं 25 साल की होऊँगी ही नहीं
Na Samet Sakoge Qayamat Tak Jise Tum,
Kasam Tumhari Tumhein Itni Mohabbat Karte Hain.
जिस प्रभात से, परमात्मा का स्मरण हो जाये,
वह प्रभात, सुप्रभात हो जाता है।
उमीद तो हमने ये की थी,
में राँझा तेरा तू मेरी हीर बने,
पर शायद खुद को ये मंज़ूर न था,
की तू मेरी तकदीर बने!