मौसम था बेकरार तुम्हें सोचते रहे,कल रात बार बार तुम्हें सोचते रहेबारिश हुई तो लग कर घर के दरवाजे से हमचुप चाप बेकरार तुम्हें सोचते रहे...
Main Chahta Hun Aik Aasiyana HoJo Wabasta Sirf Tum Se Ho
कितनी जल्दी यह मुलाकात गुज़र जाती है,प्यास बुझती भी नहीं बरसात गुज़र जाती है,अपनी यादों से कहो यु ना आया करेनींद आती भी नहीं रात गुजर जाती है..
मुझे ना सताओ इतना कि मैं रुठ जाऊं तुमसे,
मुझे अच्छा नहीं लगता अपनी साँसों से जुदा होना।
Ishq wale ankhon ki baat samajh lete hain,Sapno mein mil jaye to mulaqat samajh lete hain.Rota to asman bhi hain apne Bichde pyar ke liye,Par log use barsat samajh lete hain.