Jawani mein FACEBOOK par itne post kar do ki budhapa memories share kerte karte kat jaye...
इश्क ने तेरी जिंदगी से मेरी पहचान कराई है
प्यार ही जिंदगी है यह बात मुझे समझाई है
बस कभी बुझे ना ये समां मोहब्बत की सनम
जो मैंने तेरे और तूने मेरे दिल में जलाई है
मेरे दोस्तों ने इकट्ठा किया मेरे ही कत्ल का सामान,
मैंने उनसे कहा,
यारो तुम्हारी नफरत ही काफी थी मुझे मारने के लिए……
आज उसकी एक बात ने मुझे मेरी गलती की यूँ सजा दी…
छोड़ कर जाते हुए कह गई,
जब दर्द बर्दाश्त नहीं होता तो मुझ से मोहब्बत क्यूँ की….!!!!
उसके साथ जीने का इक मौका दे दे, ऐ खुदा..
तेरे साथ तो हम मरने के बाद भी रह लेंगे..
चाहत तुम्हारी - रविवार की तरहहकीकत जिंदगी - सोमवार की तरह...!!