अच्छाई और बुराई दोनों हमारे अंदर हैं
जिसका अधिक प्रयोग करोगे वो उभरती व निखरती जायगी
अगर मुसीबतें है तो मुस्कुरा के चल,
आँधियों को पैरों तले दबा के चल,
मंजिलों की औक़ात नही तुझसे दूर रहने की,
विश्वास इस क़दर खुद में जगा के चल.
ऐ हसीन चाँद मेरे दोस्त को एक तोहफा देना,
लाखो तारों की सजी महेफिल संग रोशनी करना,
तुम छुपा लेना अँधेरे को ऐसे,
हर रात के बाद एक खुबसूरत सँवेरा देना.
हो सकता है हर दिन अच्छा ना हो,
लेकिन हर दिने में कुछ न कुछ अच्छा होता है।
आपका दिन शुभ हो।