मैंने जिन्दगी से पूछा..सबको इतना दर्द क्यों देती हो ?जिन्दगी ने हंसकर जवाब दिया..मैं तो सबको ख़ुशी ही देती हु,पर एक की ख़ुशी दुसरे का दर्द बन जाती है !!
अभी सूरज नहीं डूबा जरा सी शाम होने दो;मैं खुद लौट जाऊंगा मुझे नाकाम तो होने दो;मुझे बदनाम करने का बहाना ढूंढ़ता है जमाना;मैं खुद हो जाऊंगा बदनाम पहले मेरा नाम तो होने दो।
नाकाम मोहब्बतें भी बड़े काम की होती हैं
दिल मिले ना मिले नाम मिल जाता है..!
हर मुलाक़ात पर वक़्त का तकाज़ा हुआ ;
हर याद पे दिल का दर्द ताज़ा हुआ .!