जब जब आपके खास लोग दूर होने लगे तो समझ लीजिये उनकी जरूरते पूरी हो चुकी है|
आकाश से ऊँचा कौन – पिता
धरती से बड़ा कौन – माता
त्याग दी सब ख्वाहिशें
कुछ अलग करने के लिए
“राम” ने खोया बहुत कुछ
“श्री राम” बनने के लिए
हर पल में प्यार है हर लम्हे में ख़ुशी है,खो दो तो याद है जी लो तो ज़िन्दगी है।
उड़ने दे इन परिंदों को आज़ाद फिजां में ‘गालिब’जो तेरे अपने होंगे वो लौट आएँगे