अगर कोई दस बजे उठे तो जरूरी नहीं कि वो आलसी हो…हो सकता है उसके सपने बड़े हों.
जब से बाजी, वफा की हारे हैं.
दोस्तों, हम भी गम के मारे हैं.
तुम हमारे सिवा,सभी के हो,
हम किसी के नहीं,तुम्हारे हैं
संता – फरवरी आने वाली है
वेलेंटाइन डे की क्या तैयारी हैं
बंता – मेरी तो कोई गर्लफ्रेंड भी नहीं है
संता – क्या तुझसे आज तक
एक लड़की भी सैट नहीं हुई ?
बंता – अबे मेरे से घड़ी में अलार्म
सैट नहीं होता लड़की क्या खाक सैट होगी
बारिश की बूँदें भले ही छोटी हों..
लेकिन उनका लगातार बरसना
बड़ी नदियों का बहाव बन जाता है…
वैसे ही हमारे छोटे छोटे प्रयास भी
जिंदगी में बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं…
चाँद की हद १ रात तक है,सूरज की हद सिर्फ दिन तक है,हम दोस्ती में दिन-रात नहीं देखते,क्यूंकि हमारी दोस्ती की हद आखरी साँस तक है