मार्टिन लूथर ने कहा था…“अगर तुम उड़ नहीं सकते तो, दौड़ो !अगर तुम दौड़ नहीं सकते तो, चलो !अगर तुम चल नहीं सकते तो, रेंगो !पर आगे बढ़ते रहो !”एक बिहारी (खैनी ठोकते हुए):ऊ.. सब त ठीक बा.. लूथर भाई…लेकिन.. मरदे.. ई बताबा कि ..जाए के कहाँ बा…
वो चैन से बैठे हैं मेरे दिल को मिटा कर
ये भी नहीं अहसास के क्या चीज़ मिटा दी
उड़ जायेंगे तस्वीरों से रंगो की तरह हम,वक़्त की टहनी पर हैं परिंदो की तरह हम।
नींद सोती रहती है हमारे बिस्तर पे,और हम टहलते रहते हैं तेरी यादों में।