एक बात मुझे समझ नहीं आई| जो गरीबो के हक के लिए लड़ते है|वो लड़ते लड़ते अमीर कैसे हो जाते है|
एडमिन ने ढाबा खोला..
ग्राहक –
मेरी चाय मै मक्खी डूब कर मरी पड़ी है |
एडमिन –
तो क्या करू?
मै ढाबा चलाऊ या इन्हे तैरना सीखाऊँ |
हमारे माँ – बाप हमको बचपन में शहजादों की तरह पालते हैं..लिहाज़ा…
हमारा ये फ़र्ज़ बनता है,,उनके बुढ़ापे में उनको बादशाहों की तरह रखें!
सुबह सुबह फेरी वाला आवाज लगा रहा था
“चाकू छुरियां तेज करा लो,
चाकू छुरियां तेज करा लो
महिला – भइया अक्ल भी तेज करते हो क्या ?
फेरी वाला – हां बहन जी,
अक्ल हो तो ले आइये
Apki charcha har gali mein hai,Har ladki ke dil me apke liye pyar hai,Ye koi hai chamatkar mere yaar,Kyonki aaj hai Raksha Bandhan ka tyohar...