जिस तरह से मोदी जी हम सबको अचानक अपने फैसले से चौका देते है..कही एक दिन ऐसा ना हो हम सुबह उठे और पता चले की पाकिस्तान अब नहीं रहा!!
अपने इन् हाथों की लकीरों
को क्या देखता हो?
किस्मत तो उनकी भी होती है
जिनके हाथ नहीं होते…
संता – भाई तू स्कूल क्यों नहीं जाता है
बंता – अरे जाता हूँ
लेकिन लोग मुझे मार के बाहर निकाल देते हैं
संता – क्यों भाई ?
कौन से स्कूल जाता है ?
बंता – कन्या पाठशाला
चेहरे पे मेरे जुल्फों को फैलाओ किसी दिन,
क्यूँ रोज गरजते हो बरस जाओ किसी दिन,
खुशबु की तरह गुजरो मेरी दिल की गली से,
फूलों की तरह मुझपे बिखर जाओ किसी दिन।
प्यार तो सब करते हैं पर हम जैसे नहीं
धोखा लोग देते हैं हम नहीं
एक बार प्यार करके तो देखो
हम सच्चे आंशिक हैं बेवफा नहीं