दुनिया में जितनी अच्छी बातें हैं…सब कही जा चुकी हैं…बस उन पर अमल करना बाकी रह गया है॥
सभी से अनुरोध है
कि कृपया कोई अफवाह उड़ाने या फैलाने का कारक न बनें। सरकार ने गुस्से में आकर नेट भी बंद कर दिया तो चिड़ी उड़-तोता उड़ खेलने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।
जनहित में जारी
मेरे बारे में अपनी सोच को थोड़ा बदलकर देख,
मुझसे भी बुरे हैं लोग तू घर से निकलकर देख…!
कुछ अल्फ़ाज़ की तरतीब से बनती है शायरी
कुछ चेहरे भी मुकम्मल ग़ज़ल हुआ करते हैं
मार्टिन लूथर ने कहा था…“अगर तुम उड़ नहीं सकते तो, दौड़ो !अगर तुम दौड़ नहीं सकते तो, चलो !अगर तुम चल नहीं सकते तो, रेंगो !पर आगे बढ़ते रहो !”एक बिहारी (खैनी ठोकते हुए):ऊ.. सब त ठीक बा.. लूथर भाई…लेकिन.. मरदे.. ई बताबा कि ..जाए के कहाँ बा…