आज का प्रवचनजब तुम रात को सच्चे दिल से सोने की कोशिश करोतोWi-Fi/3G की तेज स्पीडतुम्हें जगाने की साजिश करती है..
दैनिक भास्कर बहुत अच्छा अखबार है कचोरी का पूरा तेल सोख लेता है|
उसी का शहर, वही मुद्दई, वही मुंसिफ
हमीं यकीन था, हमारा कुसूर निकलेगा
यकीन न आये तो एक बार पूछ कर देखो
जो हंस रहा है वोह ज़ख्मों से चूर निकलेगा
काश तकदीर भी होती किसी जुल्फ की तरह…
जब जब बिखरती संवार लेते…
जुबां खुली पर कुछ कह न पाए , आँखों से चाहत जता रहे थे !
सुबह की चाहत लिए नज़र में , रात नज़र में बिता रहे थे !!