अपने जीवन के सारे ऐशो-आराम, व्यक्ति धन के माध्यम से आसानी से पूर्ण कर सकता हैं।
खाली जेब दुनिया का असली चेहरा हमारे सामने ला देती है।
हमें जमीर बेचना नही आया वरना, दौलत कमाना इतना भी मुश्किल नही था।
पैसा वही भाषा बोलता हैं जो पूरी दुनिया समझती है।
इंसान कहता हैं कि पैसा आये तो मैं कुछ कर के दिखाऊ और पैसा कहता हैं कि तू कुछ कर तो मैं आऊं।
“पैसा उतना ही ज़रूरी है जितना कार में पेट्रोल, न कम, न ज्यादा।”