मित्रता “सम्मान” की नही “भाव” की भूखी होती है.
बशर्तें
लगाव “दिल” से होना चाहिए “दिमाग” से नही
ईश्वर के हर फैसले पे खुश रहो, क्योंकि, “ईश्वर वो नहीं देता, जो आपको अच्छा लगता है”
बल्कि,
“ईश्वर वो देता है, जो आपके लिए अच्छा होता है।
“क्यों भरोसा करता है गैरों पर ए दोस्त
जब तुझे चलना खुद अपने पैरों पर हैं”
"आजकल सब यही कहते रहते है वक्त नहीं मिलता,
मझे समझ नहीं आता की busy वक्त हो गया है या आदमी I"
Good thoughts bear good fruit,bad thoughts bear bad fruit.
bad thoughts bear bad fruit.
Poetry is thoughts that breathe, and words that burn.