कैसे आपको हम मनाये बस एक बार बता दो,
मेरी गलती मेरा कसूर मुझे याद दिला दो !
खता हो गयी तो फिर सजा सुना दो,
दिल में इतना दर्द क्यूँ है वजह बता दो !
छोटी छोटी बातों पर नजर मत हुआ करो,
अगर गलती हो जाए तो माफ़ कर दिया करो।
अपने अतीत को एक चिट्ठी लिखना चाहता हूँ,
की गयी गलतियों की माफी लिखना चाहता हूँ।
अब तुम्हारे सॉरी का इंतज़ार नहीं होता,
सोचता हूँ मैं ही कह दूँ तुम्हें ” थैंक यू “।
यूँ आप सॉरी कह कर,
हमें शर्मिंदा न किया कीजिये,
हम तो बस आपके हैं,
हमें यूँ गैर न करार कीजिये।