कभी तन्हाइयों में जब तुझे हम याद आयेंगे,
ये रात ढल रही होगी और सितारे झिलमिलाऐंगे!
जिस चाँद के हजारों हो चाहने वाले….
वो क्या समझेगा एक सितारे की कमी को!
सितारे खूब हुए टिमटिमा के डूब गए. ..
न चाँद का कोई सानी न चांदनी का जवाब!
बहुत दिन बाद छत से तारों को निहारता रहा,सारे गम भुलाकर बचपन का इश्क़ फरमाता रहा.
आसमां में सितारों को तलाशना चाहती हूं,
गुमशुदा तारों में एक चेहरा तराशना चाहती हूं..