सूरज सितारे चाँद मेरे साथ में रहे,
जब तक तुम्हारे हाथ मेरे हाथ में रहे!
चाँद की चिट्ठी भूले से सितारे के पते पहुँची थी,खुशियाँ पल दो पल ही सही वहाँ ठहरी थी,
आज फिर चाँद इतना उदास है,आज फिर तारे सोने लगे हैं,आज फिर तेरी दी हुई तन्हाई है,आज फिर हम रोने लगे हैं,
टूट कर एक तारा दूसरों के ख्वाब पूरी करता हैं,फिर भी तारों की कोई मिशाल नहीं देता हैं.
रात है, चाँद है, संग चाँदनी सितारे भी फलक पे हैं!!बस एक नींद नहीं आँखों में, तेरी यादें पलक पे हैं!!
यूँ न कहो मैं तुम्हें अकेला छोड़ जा रही हूँ
ये सितारे तुम्हें साथ दे जा रही हूँ,,