आसानी से टूट जाऊ, वो इंसान थोड़ी ना हु
सबको पसंद आ जाऊ, चाय थोड़ी ना हु |
चाय कोई शराब नहीं,
ओर ये सेहत के लिए खराब नहीं…!
चलो इस बेफिक्र दुनिया को खुल कर जी लेते है,
सब काम छोड़ो पहले चाय पी लेते है...!
मंजिल तो खैर नहीं मिली,
पर सफर में उसके साथ चाय अच्छी मिली…!
मेरी जिंदगी कुछ इस कदर मुकम्मल हो जाए,
एक कप चाय तेरे हाथ की बनी मिल जाए।
ये इश्क़ ओर चाय दोनों का अजीब रिस्ता है,
एक को बनाना पड़ता है दूसरे को मनाना |