वक्त मौसम और लोगों की एक ही फितरत होती है,
कब कौन और कहाँ बदल जाए कुछ कह नहीं सकते !
कभी हाथों में उसका हाथ था,
जिंदगी में उसका प्यारा सा साथ था।
आज बदल गए हैं दिन और बिखरे जज़्बात हैं,
वो भी वक्त की बात थी ये भी वक्त की बात है।
वक्त की कैद में ज़िन्दगी है मगर,
चंद घड़ियां वहीं है जो आज़ाद है।।
"गीता" में लिखा है निराश मत होना,
कमजोर तेरा वक्त है तू नहीं।।
महंगी घड़ी खरीद रहे हो तो बता दुं जनाब,घड़ी वक्त बताती है बदलती नहीं।।
महंगी घड़ी खरीद रहे हो तो बता दुं जनाब,
घड़ी वक्त बताती है बदलती नहीं।।
उस वक्त इंतजार का आलम ना पूछिए,
जब कोई बार बार कहे आ रहा हूं में।।