कट रहा है मेरा सफर बस इसी सहारे पर,
कि खड़ा है तू वहां दूसरे किनारे पर!
किसी को मंज़िल की भूख है तो किसी
को पैसों की प्यास है पर सच कहूँ तो
मेरे लिए ये सफर ही ख़ास है।
जब भी सफर करो, दिल से करो,
सफर से खूबसूरत यादें नहीं होतीं।
मैं तो यूँ ही सफर पर निकला था,
एक अजनबी मिला और उसने
अपना बना लिया।
"अगर अपने आप से ऊब जाए तो जरूर सफर पर निकल जाय,
हो सकता है की आपकी ज़िंदगी संवर जाए।"
हमारी मुहब्बत के सफ़र में एक ऐसा मोड़ भी आया,
ग़ैरों से करते रहें वो गुफ़्तगू,
और हर बार बेवफ़ा हमें बताया।