सब्र
और इंतजार,
एक हद तक ही
अच्छे लगते है !!
कभी तकलीफ़ में हो तो यूँ भी सब्र कर लेना,
लफ्ज़ों के इस्तेमाल से पहले रिश्तों की कद्र कर लेना!
मेरे पास था भी क्या एक सब्र के सिवा,
वो भी आज लुटा बैठे हैं तेरे इंतजार में।
फिर हुआ यूँ की, सब्र की ऊँगली पकड़ के
हम इतना चले के रस्ते हैरान रह गये।
मेरी ज़िन्दगी में आने का तेरा शुक्रिया।
देख तेरे जाने के बाद मेने सब्र करना सिख दिया।
कितना सब्र हुआ करता था उस खत के जमाने मेंअब तो दो मिनट देर के रिप्लाई सेलोगों को शक हो जाता है