भाई लोगों ये जिन्हें हम Rose Day पर Rose देते हैं
क्या वो भी हमें रोज देंगी? (जस्ट फॉर जरनल नॉलेज)
बचपन में मेहमान घर आते थे
तो लगता था कि...
कब खा-पीकर जेब में हाथ डाले
और बोले..
अरे बेटा जरा इधर आना तो..!!
आंधियो से कहो अपनी औकात में रहे,
पिछले हफ्ते मेरे तीन कच्छे उड़ चुके है..!!
आंसू टपक पड़े बेरोजगारी
की इन्तेहा पर ग़ालिब
जब माँ ने कहा बेटा खाली
बैठा है, मटर ही छील दे...!!
बिना पासवर्ड लगा हुआ Wi-Fi मिल जाना भी पिछले जन्म के किसी पुण्य का ही परिणाम होता है।