शुक्र है whatsapp हिंदी
में नहीं है
वरना last seen
अंतिम दर्शन कहलाता..!!
भंसाली इतिहास के साथ छेड़खानी करता है,और यह साउथ वाले फिजिक्स के साथ..
इतनी तो हीर रांझे की जोड़ी भी मशहुर नहीं हुई जितनी बाबा और हनीप्रीत की हो गयी है|
अच्छी शकल ना होना कोई पाप नहीं है,लेकिन बन्दर जैसी शकल होकर FB पे 70 लोगो को टैग करना आतगबाद है...
एक समय था जब रात के 12 बजे के बाद भूतो का राज हुआ करता था..लेकिन facebook और whatsapp ने इनका भी रोजगार छीन लिया|
अगर सरकार ताजमहल में गुटखा थूकने की मंजूरी दे दे... तो.... माँ कसम लोग उसे 5G की स्पीड से लालकिला बना देंगे...