आज भी मेरी फरमाइशें कम नहीं होती,
तंगी के आलम में भी, पापा की आँखें कभी नम नहीं होती।
हैप्पी फादर्स डे
भुला के नींद अपनी
सुलाया हमको,
दर्द कभी ना देना
उन हस्ती को,
खुदा ने पिता
बनाया जिनको!
अपने पापा को आज मैं क्या उपहार दूं?
तोहफे दूं फूलों के या गुलाबों का हार दूं?
मेरी जिंदगी में जो है सबसे प्यारा
उस पर तोह मैं अपनी जिंदगी भी वार दूं!
ऊँगली पकड़ कर मुझको चलना सिखाया,
मेरे आँसू पोछ मुझको हसाया,
एक फरिश्ता है पिता जिसे खुद खुदा ने बनाया.