कहने को शब्द नहीं
लिखने को भाव नहीं दर्द
तो हो रहा है पर दिखाने
को घाव नही. !!
पतझड़ में सिर्फ पत्ते
गिरते है नजरों से गिरने
का कोई मौसम नहीं होता. !!
कुछ बातें तब तक समझ में नहीं आती
जब तक ख़ुद पर ना गुजरे..!
वक्त कटता भी नही
वक्त रुकता भी नही
दिल है सजदे में मगर
इश्क झुकता भी नही
वो शख़्स जो कभी
मेरा था ही नही,
उसने मुझे किसी और का भी
नही होने दिया.
"मैं हर रात सारी ख्वाहिशों को खुद से पहले सुला देता,
हूँ मगर रोज़ सुबह ये मुझसे पहले जाग जाती है।"