वो शख्स जो कभी मेरा था ही नही,
उसने मुझे किसी और का भी,
नही होने दिया !
जागना भी काबुल है तेरी यादों में रातभर,
तेरे अहसासों में जो सुकून है वो नींद में कहाँ !
बड़ा गजब किरदार है मोहब्बत का,
अधूरी हो सकती है मगर खत्म नहीं !
जबसे तुम्हारे नाम की
मिसरी होंठ लगाई है
मीठा सा गम है,
और मीठी सी तन्हाई है.
तुम्हे जो याद करता हुँ, मै दुनिया भूल जाता हूँ ।तेरी चाहत में अक्सर, सभँलना भूल जाता हूँ ।
KHUDA SE MAUT MANG LENA
PAR INSAAN SE MOHABBAT NAHI...