ठहर जा नजर में तू जी भर के तुझे देख लूं !
बीत जाए ना ये पल कहीं इन पलों को में समेट लूं !
💞 *हम तो फूलों की तरह,*
*अपनी आदत से बेबस हैं…!*
*तोडने वाले को भी,*
*खुशबू की सजा देते हैं..!!*