दिल का क्या है कहीं भी लग जाता है,
तबाह तो तब होता है जब कहीं ठहर जाता है!
जब दिल ना लग
रहा हो कहीं…
तब समझिये कि
दिल लग गया है कहीं…
छुपी होती है लफ्जों में बातें दिल की,
लोग शायरी समझ के बस मुस्कुरा देते हैं !
अगर दूरियों से फर्क ना पडे
तो समझ लेना बहुत नजदीक हो तुम !
भूलना भुलाना तो दिमाग का काम है
बेफिक्र रहिए जनाब आप तो दिल में है।
दिखने में वो बहुत गरीब थी साहब पर..
उसकी हँसी किसी शहजादी से कम नहीं थी।