दिल का क्या है कहीं भी लग जाता है,
तबाह तो तब होता है जब कहीं ठहर जाता है!
छुपी होती है लफ्जों में बातें दिल की,
लोग शायरी समझ के बस मुस्कुरा देते हैं !
हम भी दिल की बात कहाँ कह पाते हैं,
आप भी कुछ कहते कहते रह जाते हैंं!
भूलना भुलाना तो दिमाग का काम है
बेफिक्र रहिए जनाब आप तो दिल में है।
ठंड की धूप,तुम्हारे चेहरे से टकराई,बर्फ हुए दिल में,फिर से जान आ गई l
दिखने में वो बहुत गरीब थी साहब पर..
उसकी हँसी किसी शहजादी से कम नहीं थी।