ये उदासी वाले दिन
कभी तो ढलेंगे
फिर काशी तो क्या
केदारनाथ भी चलेंगे |
कैसे कह दूँ कि मेरी हर दुआ बेअसर हो गयी मैं जब जब भी रोया,
मेरे भोले बाबा को खबर हो गयी।
हर हर महादेव
ख्वाबों में होती हैं महादेव से बातें
मेरी दिन से बेहतर होती हैं रातें मेरी
जो करते हैं दुनिया पे भरोसा वो चिंता में होते हैं,
जो करते हैं, महाकाल पर भरोसा वो चैन की नींद सोते हैं।
मेरे किताबों के पहले पन्नो पर प्रणाम लिखा होता है,
मेरे नाम से पहले भोलेनाथ का नाम लिखा होता है।
|| हर हर महादेव ||
ज़र्रे ज़र्रे पर शिव शम्भो की निगाहें करम है,
ना किसी पर ज्यादा ना किसी पर कम हैं।