जिधर भी देखो रब दिखता है
बंद करूं आंखें तो सब दिखता है..!
मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे
छान लिए सारे के सारे
खुद को छोड़ आ
गया भगवान के द्वारे..!
एक अमल ने मुझे
गुनाहों से बचा रखा है
मेरी भक्ति ने मुझे
रब से मिला रखा है..!
हे प्रभु! मेरी प्रार्थना को ऐसे स्वीकार करो,की जब-जब मेरा
सिर झुके,मुझसे जुड़े हर इंसान की जिंदगी सँवर जाए!!