किसान के पास पैसे कम हो सकते हैं और बहुत सारी समस्याएँ भी हो सकती हैं पर वो स्वस्थ होता हैं और रात में चैन से सोता हैं.
अनाज दिन ब दिन महंगा होता जा रहा है, लेकिन उसे उपजाने वाला किसान गरीब होता जा रहा है।
मैं किसान हूँ मुझे भरोसा हैं अपने जूनून पर
निगाहे लगी हुई है आकाश के मानसून पर.
किसान सबसे सुखी हो सकता हैं यदि वो शिक्षित हो जाएँ..
एक आस, एक एहसास, मेरी सोच और बस तुम,एक सवाल, एक मजाल, तुम्हारा ख़याल और बस तुम,एक बात, एक शाम, तुम्हारा साथ और बस तुम,एक दुआ, एक फ़रियाद, तुम्हारी याद और बस तुम,मेरा जूनून, मेरा सुकून बस तुम और बस तुम
सपने तो मेरे थे पर उनको पूरा करने का रास्ताकोई और दिखाए जा रहा था और वो थे मेरे पापा….
सपने तो मेरे थे पर उनको पूरा करने का रास्ता
कोई और दिखाए जा रहा था और वो थे मेरे पापा….
घमंड ही नहीं गुरुर है अपने किसान होने का।
बढ़ रही हैं कीमते अनाज की,
पर हो न सकी विदा बेटी किसान की