सुबह का प्रणाम सिर्फ परंपरा नहीं ,
बल्कि अपनेपन का एहसास भी हैं ,
ताकि रिश्ते भी ज़िंदा रहे और यदि भी बनी रहे…
कौन कहता है माँ का कलेजा दुनिया में सबसे नरम है,मैंने बेटियों की विदाई में अक्सर पिता को टूटते देखा है।
न हो तो रोती हैं जिदे, ख्वाहिशों का ढेर होता हैं,
पिता हैं तो हमेशा बच्चो का दिल शेर होता हैं.
आज भी मेरी फरमाइशें कम नही होती,
तंगी के आलम में भी, पापा की आँखें कभी नम नहीं होती.
अमर वही इंसान होते हैं
जो दुनियां को कुछ देकर जाते हैं